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Publié le Mardi 27 Janvier 2026 - 21:09
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ट्यूनिस स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार, 26 जनवरी 2026 को गम्मार्थ स्थित होटल एल मुरादी में एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम उत्सवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें राजनयिक समुदाय के सदस्यों, सरकारी अधिकारियों तथा ट्यूनीशिया में रह रहे भारतीय समुदाय सहित 250 से अधिक विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।
ट्यूनीशियाई गणराज्य की उद्योग, खान एवं ऊर्जा मंत्री, महामहिम श्रीमती फातिमा थाबेत शिबूब ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कार्यक्रम में वर्ष 1950 में भारत के संविधान को अपनाए जाने की स्मृति, एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में भारत की यात्रा का उत्सव तथा “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ को चिह्नित किया गया। इस अवसर पर भाषणों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की एक श्रृंखला प्रस्तुत की गई, जिनमें प्रसिद्ध ट्यूनीशियाई कलाकार श्री शरीफ अलुई की संगीतमय प्रस्तुति तथा श्री विनीत पिल्लै द्वारा प्रस्तुत कथकली नृत्य शामिल रहा। इन प्रस्तुतियों ने भारत और ट्यूनीशिया के बीच सुदृढ़ होते सांस्कृतिक एवं कूटनीतिक संबंधों को प्रतिबिंबित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक विशिष्ट कलात्मक समन्वय देखने को मिला, जिसमें क़ानून जैसे अरबी वाद्ययंत्रों को बांसुरी और अन्य वाद्ययंत्रों के साथ संयोजित किया गया, जिससे कला और राष्ट्रीय गौरव का सुंदर संगम प्रस्तुत हुआ। केरल, भारत की प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य-नाट्य परंपरा कथकली ने अपनी सशक्त कथावाचन शैली, भव्य वेशभूषा और प्रभावशाली दृश्यात्मकता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अपने संबोधन में भारत की राजदूत डॉ. देवयानी खोब्रागड़े ने अग्रणी वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में भारत की प्रगति, समावेशी विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी पहलें शामिल हैं। उन्होंने भारत–ट्यूनीशिया के बीच मजबूत साझेदारी की पुनः पुष्टि करते हुए वर्ष 2026 में द्विपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाने के प्रति विश्वास व्यक्त किया तथा निरंतर समर्थन के लिए ट्यूनीशिया का आभार प्रकट किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महामहिम श्रीमती फातिमा थाबेत शिबूब ने भारत–ट्यूनीशिया संबंधों की गर्मजोशी और निरंतर मजबूती को रेखांकित किया। उन्होंने भारतीय बाजारों में ट्यूनीशियाई निर्यात की संभावनाओं और दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक सहयोग पर बल दिया, साथ ही भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक रणनीतिक साझेदार के रूप में मान्यता दी।
कार्यक्रम का समापन भारतीय रात्रिभोज के साथ हुआ, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और पाक विविधता को प्रदर्शित किया गया, तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क और समझ को और सुदृढ़ किया गया।
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